कभी तोह तुम आओगे , कभी तोह यह शाम अधूरी न लगेगी।
कभी तोह जी भर के बातें करेंगे , कभी तोह बंदिश टूटेगी।
दिन रात का ठिकाना न होगा , इंतज़ार का येही फल्सफ्हा होगा।
गर तुम साथ होगे, इस दुनिया से डर न होगा ।
इस राह पर जो हम चल पड़े , कुछ पल यादों में समेटे ओझल हो चलें ।
आँखें मूँद कर कल को दिल में समां लूँ , आने वाले हर दिन की शुरुवात अभी से सजा लूँ ।
इस छोटी सी ज़िन्दगी के इतने अरमान ,
बस इंतज़ार है की ख़त्म हो चाहत का इम्तिहान।
Wednesday, February 18, 2009
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3 comments:
Not every one blogs in a another language... And its all about love... so ITS SWEEEEEEEEET!
wah wah!! :P
thank u..dhanyawaad..shukriya
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